कोलकाता। लोकल ट्रेन में एक लड़की को देखा और उससे प्यार करने लगा। परंतु, लड़की कहां की है उसके बारे में उसे पता नहीं चल सका। अब एकतरफा प्यार करने वाले इस प्रेमी ने हुगली जिले (पश्चिम बंगाल) के कोन्ननगर और हावड़ा के बाली के बीच उस लड़की की तलाश के लिए 4,000 पोस्टर लगा दिए और सात मिनट की एक फिल्म बनाकर यूट्यूब पर अपलोड किया है। कोलकाता के एक सरकारी कर्मचारी ने उस लड़की को खोजने के लिए यह तरकीब अपनाई।
राज्य पर्यावरण विभाग में काम करने वाले 29 वर्षीय विश्वजीत पोद्दार साल्टलेक में कार्यरत हैं। जुलाई में एक दिन लोकल ट्रेन में सवार हुए थे तभी उन्होंने एक लड़की को देखा। उसे देखते ही विश्वजीत को उससे प्यार हो गया। उस लड़की को खोजने के लिए पोद्दार ने 4000 पोस्टर लगवा दिए। इन पोस्टरों में पोद्दार के मोबाइल नंबर के साथ उनकी फिल्म का यूट्यूब लिंक दिया हुआ है।
पोद्दार का कहना है कि लोग मुझे पागल कहने लगे हैं। मुझे पता है कि जो मैं कर रहा हूं, वह थोड़ा अजीब है लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं उसे अपने दिमाग से निकाल नहीं पा रहा। पोद्दार 23 जुलाई को तारापीठ से कोन्ननगर आने के लिए लोकल ट्रेन में सवार हुए थे। ट्रेन छूटने से ठीक पहले लड़की अपने माता-पिता के साथ बोगी में आई और उसके सामने वाली सीट पर बैठ गई।
कोन्ननगर स्टेशन पर बैठे पोद्दार ने कहा, ना ही मैं उसे (लड़की को) किसी परेशानी में डालना चाहता हूं, ना ही उसे बदनाम करना चाहता हूं। मैं यह सब इसलिए कर रहा हूं, ताकि उसे पता लगे कि मैं उसे खोज रहा हूं और अगर वह चाहे तो मुझसे संपर्क करे। वहीं पोद्दार की फिल्म को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी फिल्म किसी कानून का उल्लंघन नहीं करती है।
पोद्दार ने कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ बैठी थी, हमारी नजरें मिलीं, वह बात करना चाहती थी, लेकिन कर नहीं पाई। उसने अपना नंबर भी बताने की कोशिश की लेकिन मैं समझ नहीं पाया। छह मिनट और 23 सेकंड की फिल्म में पोद्दार ने उस लड़की के किरदार में अपनी एक फ्रेंड को जगह दी है। फिल्म के अंत में पोद्दार स्टेशन पर उसका इंतजार करते हुए लड़की से कहते हैं कि अगर वह इस फिल्म को देखे तो उनसे संपर्क करे। पोद्दार ने इस फिल्म का नाम कोन्ननगर कोने (कोन्नानगर की दुल्हन) रखा है।


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